Hindu Prayers

Ganesh Chalisa In Hindi With Meaning

श्री गणेश जी की पूजा हम क्यों करते है?

Ganesh chalisa in hindi: हर व्यक्ति श्री गणेश जी महारज की पूजा बहुत ही श्रद्धा और भक्ति से करतें है। इसका एक नहीं बहुत सरे कारण है । ज्ञान के सागर श्री गणेश जी ने ही हमें ज्ञान दिया है जिसके कारण आज मनुष्य विज्ञान और टेक्नोलॉजी में इतना कुछ कर पते है । हर काम को शरू करने से पहले हम भगवान का नाम लेते है ताकि हमे काम में सफलता मिले । हर व्यापर हो या शादी की रश्म छोटे से छोटा कार्य हम गणेश जी की पूजा से ही शरू करते है ।

गणेश चालीसा के पाठ पढ़ने का तरीका

गणेश चालीसा का पाठ करने वाले हर व्यक्ति से आप पूछ सकते है की उनसे हर परेशानी कितना दूर रहती है । हर सुबह स्नान करके सच्चे मन से गणेश जी के सामने दिया जलाये । और गणेश चालीसा का पाठ लगातार ४० दिनों तक करे । ऐसा करने से श्री गणेश जी महाराज आप से खुश होकर । आपके सरे परेशानियों को दूर कर देंगे । अपने परेशानियों से छूटकारा श्री गणेश जी का चालीसा पढ़ना न भूले ।

श्री गणेश जी का जन्म कैसे हुआ ?

हम सभी लोगोने गणेश जी के जन्म की कहानी बहुत लोगों से सुनी होगी। लेकिन पुअरानो और वेदों के अनुशार सबसे प्रसिद्ध यह है कि शिव जी की पत्नी श्रीमती पार्वती जी जब स्नान करने की सोच ही रही थी, तभी मन में ख्याल आया की दरवाजे का देख रेख करने वाला कोई नहीं है और स्वामी जी भी किसी दूसरे कार्य से बहार गए हुआ है। उसी समय उन्होंने ने सोचा क्यों न एक पुतला बनाकर उसमे जान दाल दिया जाये ।

थोड़ी देर बाद शिव जी लौट आए और क्रोधित हो गए कि दरवाजे पर खरा लड़का उन्हें घर में आने से रोक रहा है। अपने क्रोध में, उन्होंने श्री गणेश जी महाराज सिर धड़ से अलग कर दिया । उसी समय पार्वती जी को गणेश जी की चीख सुनाई दी और वो दौरते हुए बाहर निकल आईं और शिव जी ने जो किया था उसे देख कर डर गई। तभी पार्वती जी ने बोलै स्वामी ये अपने क्या किया, इसे मेने अपने सरीर के अंश से बनाया ये आपका बेटा है ।

इतना सुनते ही शिव जी को पश्चाताप होने लगा, शिव ने एक प्रतिस्थापन सिर खोजने के लिए जल्दीबाजी की और एक युवा हाथी वह पहला प्राणी था जिस पर वह आया था। तो उन्होंने गणेश को बहाल करने के लिए हाथी के सिर को ले लिया और गणेश जी के धड़ में एक हाथी का सर जोड़ दिया ।

Ganesh chalisa in hindi

हम सभी जानते है की गणेश चालीसा पढ़ने के बहुत सरे फायदे है। अपने से जीवन में सभी बाधाओं को दूर करने के लिए। इच्छाओं, बुद्धि और प्रसिद्धि की पूर्ति के लिए। धन और समृद्धि की प्राप्ति के लिए। खोया धन वापस पाने के लिए। बीमार और बंद कारखानों को पुनः आरम्भ करने के लिए। व्यापार में बाधाओं को दूर करने के लिए। दुश्मनों को हराने के लिए। इच्छाओं की पूर्ति के लिए । और संपत्ति हासिल करने के लिए पढ़ते है ।

जय जय जय वंदन भुवन, नंदन गौरी गणेश दुख द्वंदवन फंदन हराना, सुंदर सुवाना महेश – जय हो, श्री गणेश जी। आप गौरी (पार्वती) पुत्र हैं, श्री शिव जी के सपुत्र, महिमा आप के लिए हो। और सभी दर्द, पीड़ा और कठिनाइयों का विनाशक। हे गणेश जी,

जयती शंभू-सुट गौरी नंदन, विघना हरन नसन भाव-फंदन जय गणानायक जनशोक दयाक, विश्व-विनायक बुद्ध-विद्यायक – संभु (भगवान शिव) और गौरी के पुत्र आप पर विजय। आप सभी डर की चिंताओं और विध्वंसक के विनाशक हैं। सभी की सुरक्षा और खुशी के लिए सभी धार्मिक लड़ाई में विजय तुम्हारी है। आप अज्ञानता और ज्ञान, ज्ञान और बुद्धि के दाता हैं ।

एक राजन गज बदन बिजाजत, वक्रतुंड शुची शंद संजत तिलक ट्रिपुंडभल शशी सोहट, छवी लखी सुर नर मुनी आदमी मोहित। – अपने कंधों पर आप एक दांत और विशाल टस्क के साथ एक सिर ले जाते हैं। तीन चिह्न आपके माथे, आकर्षक योद्धाओं, मानव जाति और यहां तक ​​कि संतों को भी कृपा देते हैं।

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